ग्वालियर की वसुंधरा प्राचीन ऐश्वर्य से पूजी जा रही है:विज्ञमती माताजी सिद्धचक्र महामंडल विधान में 64 अर्घ्य समर्पित

JAIN SANT NEWS ग्वालियर

ग्वालियर की वसुंधरा प्राचीन ऐश्वर्य से पूजी जा रही है:विज्ञमती माताजी
सिद्धचक्र महामंडल विधान में 64 अर्घ्य समर्पित

ग्वालियर

इस शहर ने विश्व में जैन धर्म की प्रभावना करने वाली सिद्धांत रत्न, भारत गौरव गणिनी आर्यिकाश्री विशुद्धमती माताजी दी हैं। यहां शताधिक पंचकल्याणक कराने वाले विद्वान पंडित अजीत शास्त्री, पंडित चन्द्रप्रकाश चंदर और यहां की प्राचीन जैन धरोहर गोपाचल तीर्थ का कायाकल्प करने वाले अजीत वरैया जैसी महान विभूति हैं। यही कारण है कि ग्वालियर की वसुंधरा प्राचीन ऐश्वर्य की वजह से दुनिया में पूजी जा रही है। यह विचार पट्ट गणिनी आर्यिकाश्री विज्ञमती माताजी ने शनिवार को चम्पाबाग बगीची में आयोजित श्रीसिद्धचक्र महामंडल विधान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

माताजी ने कहा कि गणिनी आर्यिकाश्री विशुद्धमती माताजी, पंडित अजीत शास्त्री, पंडित चन्द्रप्रकाश चंदर और अजीत वरैया नवकार हैं, ये विद्वान सरस्वती का दूसरा रूप हैं। 100 से अधिक प्राण प्रतिष्ठाएं कराने वाले अजीत शास्त्री ने अचेतन पाषाण को चेतन बना दिया। ग्वालियर में वैभव की कमी नहीं है। अयोध्या के बाद शाश्वत वैभव ग्वालियर में है। यहां इलाहाबाद जैसा मोक्षमार्ग का संगम दृष्टिगोचर होता है। यहां के उक्त विद्वान सम्यक ज्ञान, सम्यक दर्शन और सम्यक चारित्र की प्रतिमूर्ति हैं। ये सभी ग्वालियर के रत्न हैं। इनकी संगत करने वालों की कीमत बढ़ गई है। आज ग्वालियर की धरा पर इस विधान के माध्यम से धर्म का यशोगान हो रहा है।

इससे पहले प्रतिष्ठाचार्य पंडित डॉ. अभिषेक जैन ने विधान की पूजन कराई। शनिवार को इंद्र-इंद्राणियो ने सिद्ध भगवान को 64 अर्घ्य समर्पित किए।

माताजी ने महा अर्घ्य समर्पित कराए

जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि सिद्धचक्र महामंडल विधान में शनिवार को गणिनी आर्यिकाश्री विशुद्धमती माताजी ने स्वयं महा अर्घ्य समर्पित कराए।

गुरु मां के भक्तों का सम्मान

इस अवसर पर चातुर्मास समिति ने प्रतिष्ठाचार्य प. अजीत शास्त्री, प. चन्द्रप्रकाश चंदर, अजीत वरैया, प. अनूप चंद जैन फिरोजाबाद, आनंद जैन एटा, प्रदीप जैन एटा, लालचंद जैन सूरत आदि का सम्मान किया। प्रतिष्ठाचार्य प. डॉ. अभिषेक जैन ने संगीतमय सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *