ये संसार दुःखो से भरा है इसे पार करने के लिए संयम की जररूत है आर्यिका आदर्शमति आर्यिका संघ ने किया विहार शाढ़ौरा में होगा चातुर्मास
अशोक नगर
-ये संसार सागर दुःखो से भरा है, इसमें सुख कहीं नजर नहीं आता हम ढूंढते हैं और लगता है कि हमें सुख मिलने वाला है, लेकिन हिस्से में दुःख ही आता है। वास्तविकता में संसार में सुख है ही नहीं, सुखाभाव है। जिसे हम सुख मानकर दुःखी होते रहते हैं। आताताईयो के भय से हम कांपते हैं फिर धीरे धीरे अपनों से ही डरने लगते हैं। यही हाल है। इस संसार का इससे पार पाने के लिए संयम रुपी रथ की आवश्यकता है। उक्तआशय के उद्गार आर्यिका रत्न श्री आर्दश मति माताजी ने सुभाष गंज धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।

मध्यप्रदेश महा सभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि शुक्रवार शाम को आर्यिका रत्न श्री अमूल्यमति माताजी, आर्यिका श्री आराध्य मति माताजी,आर्यिकाश्री आज्ञामति माताजी,
आर्यिका श्री अल्लोयमति
माताजी,आर्यिका अनमोल मति माताजी ससंघ ने शाढ़ौरा के लिए विहार कर दिया। आर्यिका संघ आचार्य श्री के आशीर्वाद से कुंडलपुर से विहार करते हुए पिछले सप्ताह अशोक नगर पधारकर पांच दिवसीय दीक्षा समारोह में विशेष रूप से सम्मलित था। शाढ़ौरा जैन समाज को वर्षों की प्रतीक्षा के बाद आर्यिकारत्न श्री अमूल्य मति माताजी के चातुर्मास कराने का सौभाग्य मिलने जा रहा है। शानिवार को आर्यिका संघ का चातुर्मास हेतु शाढ़ौरा में मंगल प्रवेश होगा। इस हेतु शाढ़ौरा जैन समाज द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है।

जबआर्यिका संघ विदा लेते हुए नगर के बाहर आया यह दृश्य सभी को भावुक करने वाला था।

भक्तों की जयकारों के बीच माताजी ने विहार कर दिया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
