*चेतना के गहराव में डुबकी लगाने का आनंद अलग है–आदर्शमति माताजी*
आर्यिकाश्री सूत्रमति माताजी ने किया राधोगढ के लिए विहार*
अशोकनगर
— हंडी के एक थाने को टटोलकर समझदार व्यक्ति खिचड़ी पकने का अनुमान लगा लेते हैं आचार्य श्री जब बुदेलखंड आये और उन्होंने तालवेट ग्राम में श्रावक को जल छानते हुए देखा तो उन्होंने समझ लिया की उनकी चर्या का पालन सहजता से हो सकेगा। गुरुकृपा की छाव में आपने पुष्पित सुगंधित वाटिका को सुना वे चेतना के गहराव में इतनी गहरी डूबकी लगाते हैं कि उनकी कथा को सुनकर आंनद से भर जाते हैं। उक्त उद्गार दीक्षा दिवस समापन समारोह को संबोधित करते हुए आर्यिकारत्न श्री आदर्शमति माताजी ने व्यक्त किए

गुरुवार को होगा शाढ़ौरा प्रवेश होगी धर्म सभा
मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि नगर में विराजमान आर्यिका संघ से आज शाम को सात आर्यिका माताजी जी का राधोगढ के लिए आर्यिकारत्न श्री सूत्रमति माताजी, आर्यिका श्री शीतल मति माताजी, आर्यिका श्री सुशान्तमति माताजी, आर्यिका श्री कर्तव्यमति माताजी, आर्यिका श्री निष्काममति माताजी,आर्यिका श्री विरतमति माताजी, आर्यिका श्री तथामति माताजी ससंघ का शाढ़ौरा के लिए विहार हो गया शुक्रवार को सुबह शाढ़ौरा में आर्यिकारत्न श्री सूत्रमति माताजी धर्म सभा को सम्बोधित करेंगी तद उपरान्त आहार चर्या होगी।
सोने से नहीं जागने से होगा चातुर्मास

आर्यिकाश्री श्वेत मति माताजी ने कहा कि जागने वाले को कोई भी मार्ग दर्शन दे सकता है, कल का सवेरा किसने देखा है हमारे जीवन में कल हो ना हो साधु किसी से नहीं बधते, वे आपकी श्रद्धा भक्ति से बिना डोर के ही जुड़ते चले जाते हैं। चातुर्मास होने से नहीं जागने से होगा। संसार में सब सरल है, सहज है, लेकिन कल्याण का मार्ग कठिन है,बहुत कठिन है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
