धर्मस्थल धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े राज्यसभा के लिए मनोनीत
एक ऐसा व्यक्तित्व जो महानता का स्वर्णिम शिखर है जिनकी उदारता का कोई सानी नहीं हम बात कर रहे है कर्नाटक के धर्मस्थल धर्माधिकारी पदम् विभूषण श्री वीरेन्द्र हेगड़े की जिनको राज्यसभा हेतु मनोनयन किया है जिसकी सुचना से सम्पूर्ण भारत के जैन समाज मे एक हर्ष की लहर है श्री हेगड़े का व्यक्तित्व बहुत महान आप जैन समाज की व संतो की सेवा मे सदा तन मन धन से समर्पित है आप कर्नाटक मे भगवान की तरह माने जाते है लोग उस क्षेत्र के उन्ही के पास अपने निर्णय करवाने जाते है आप एक न्यायाधीश की तरह पूजित है उनके द्वारा अम्मा फ़ूड योजना बहुत प्रचलित है उन्होने एक ऐसी व्यवस्था बनाई हुयी है इस योजना मे 40000 से अधिक लोग एक साथ भोजन कर पाते है जो अपने आप मे अनूठी है जिसका कवरेज जिसकी रिपोर्ट डिस्कवरी चेनल पर भी आई है उस क्षेत्र मे मेने देखा हर दुकान हर होटल पर इन्ही की तस्वीर लगी हुयी है संतो की आशीष की मेह जमकर इन बरसी है श्री हेगड़े के मनोनयन से जैन जगत मे हर्ष की लहर और उन्हे जगह जगह से शुभकामना प्रेषित की जा रही है

एक नज़र श्री हेगड़े के जीवन पर

श्री वीरेंद्र हेगड़े धर्माधिकारी रत्नवर्मा हेगड़े के सबसे बड़े पुत्र हैं। वे कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित श्री धर्मस्थल मंजुनाथ स्वामी मंदिर के अनुवांशिक ट्रस्टी हैं। इनकी एक ख़ास बात है की यह जैन समुदाय से आते है लेकिन फिर भी वीरेंद्र हेगड़े का परिवार कई हिंदू समुदाय के मंदिरों मे ट्रस्टी है।

श्री हेगड़े को हमेशा करीब छह सौ साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है। जाना जाता रहेगा इनका अमूल्य योगदान कला और संस्कृति के प्रचार के प्रति भी है साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र के साथ शिक्षा के प्रति भी अमूल्य योगदान है इनके द्वारा नैचुरोपैथी, योगा एवम नैतिक शिक्षा के प्रसार हेतु धर्मस्थल से लगे 400 हाईस्कूल एवम प्राइमरी शिक्षको को व इन विषयो हेतु प्रतिवर्ष 30000 छात्रों शिक्षा प्रदान करते हैं। यह सभी कार्य इनकी महानता व विलक्षणता को परिलक्षित करता है।
अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
