वात्सल्य वारिधि वर्धमान सागर जी महाराज की आगवनी ने रचा इतिहास

JAIN SANT NEWS भवानीमंडी

वात्सल्य वारिधि वर्धमान सागर जी महाराज की आगवनी ने रचा इतिहास

भवानीमंडी

मंगलवार की बेला मंगलगान करती दिखाई दी अवसर था वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के मंगल आगमन का यह आगमन राजस्थान प्रवेश के रूप मे था इस अगवानी पर अगर कहा जाए तो शब्द बोने साबित होगे वही इस मंगल आगवानी मे भामाशाह जैन गौरव अशोक पाटनी जैन ध्वज लेकर नंगे पाँव चल रहे थे

साथ ही गुरुदेव संघ का आगमन जब नगर के प्रथम नागरिक नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश बोहरा के पंप पर हुआ तो वह भाव विभोर हो उठे उन्होने गुरुदेव को चरण वंदन किया गुरुदेव का वात्सल्य भी उन पर जमकर बरसा साथ ही इस आगवानी मे भामाशाह जैन गौरव अशोक पाटनी गुरुदेव के साथ चलते इस शोभायात्रा का निर्देशन कर रहे थे

वही जेसे ही गुरुदेव ने संघ सहित भवानीमंडी की सीमा मे प्रवेश किया तो शंख बजाकर उनका अभिन्दन किया गया नगर मे साक्षात समवसरण आया हो ऐसा प्रतीत हो रहा था आलम यह था की जगह जगह  भक्तो का हजूम जय जयकार की गूंज थी मै अपने शब्दों कहू तो एक इतिहास लिख गयी यानी 21 तारीख़ 21 हो गयी और मंगलवार मंगलमय हो गया
यह रहा मुख्य आकर्षण

यह आगवानी बहुत ही अभूतपूर्व थी मानो भक्ति का सैलाब भवानीमंडी मे उमड़ पडा हो आगे आगे ऊट और फिर महिलावर्ग क्रम से केसरिया परिधान जैन ध्वज लेकर चल रही थी जो जिन धर्म की ध्वजा को पुलकित कर रही थी बैंड बाजो की गूंज के साथ भक्तिमय गीत सुनाई दे रहे थे।

साथ ही इस आगवानी मे शांति जयघोष रामगंजमंडी की गूंज वातवरण को भक्तिमय बना रही थी जो आकर्षण का केंद्र बिंदु रहा की यह महिला शक्ति द्वारा बजाया जा रहा था जो नारीशक्ति का प्रतिरूप बनकर उभरा इसका निर्देशन महिला मंडल अध्यक्षा शोभना सावला रामगंजमंडी कर रही थी वही जेसे जेसे आगे कारवा बढ़ रहा था भक्तो का हजूम बढता ही जा रहा था दूर दराज के भक्त जयपुर किशनगढ़ निवाई किशनगढ़ रामगंजमंडी पारसोला धरियावद आदि से भक्त आए वही यह आगवानी का क्रम कृषि उपज मंडी आया

जहा धर्म सभा हुयी जिसका शुभारभ संघस्थ बाल ब्रह्मा दीप्ति दीदी तथा पूनम दीदी के मंगलाचरण चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन से हुआ पंचम पट्टाधीश एवम पूर्वाचार्यो को विभिन्न नगरों के समाजजन ने अर्ध समर्पित किये
आचार्य श्री के चरणों का जल दूध केशर पुष्प से प्रक्षालन किया गया

आज बहुत हर्ष का विषय है अशोक पाटनी

इस अवसर पर अपने उद्बोधन मे श्री अशोक पाटनी ने कहा आज हर्ष का विषय है आचार्य श्री के चरण राजस्थान की धरा पर पडे है आज राजस्थान की माती धन्य हो गयी उन्होने कहा 1300km चलकर इस तपती गर्मी मे यहाँ आया है उन्होने कहा तपती गर्मी मे विहार केसा होता 1 km चलकर देखे तब आपको पता चलेगा मै चला हु इसलिए मुझे पता है उन्होने कहा वो राजस्थान पधारे है यह पुण्य का उदय है और भवानीमंडी का भी विशेष पुण्य है सभी के उत्साह और आगवानी की तारीफ़ की उन्होने एक इतिहास को भी सांझा किया आचार्य श्री तीन बार मस्तकाभिषेक मे गए और तीनो बार राजस्थान से गए.
इस अवसर पर भारत के सुप्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य श्री हँसमुख जी धरियावद श्री विवेक जी काला तथा श्री कैलाश जी नगर पालिका अध्यक्ष भवानीमंडी ने भी विचार रखे

गुरु सेवा समर्पित जन का किया बहुमान

वही इन पलो मे गुरु सेवा को समर्पित श्री गज्जू भया जो अनेक वर्षों से संत सेवा को समर्पित है उनका बहुमान किया गया। साथ ही संत के विहार का प्रबंध जो कही वर्षो से देख रहे है श्री परमीत भया का भी अभिनन्दन किया गया। वही 15 वर्ष से अधिक समय से संघ की आहारचर्या मे सलग्न तारादेवी सेठी का अभिनन्दन किया गया। साथ पारसोला और निवाई के युवा वर्ग का जो गुरुदेव के पैदल विहार मे कर्नाटक महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से सलग्न है उनका भी अभिनन्दन किया गया इन अलोकिक पलो मे संत सेवा की मिसाल बना बिस्तुनिया ग्राम को भी सम्मानित किया ग्गाया यह सम्मान शेतालमल जैन व अन्य जन को प्रदान किया गया

संकल्प में बहुत बड़ी शक्ति है आचार्य श्री

आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा 2014 मे किशनगढ़ वर्षायोग, 2017निवाई 2018 बाहुबली मस्तकाभिषेक में गया।फिर राजस्थान आया उन्होंने आगे कहा पुण्य भागता हुआ क्षण आपके सामने आ गया है श्री महावीर जी मस्तकाभिषेक का जहा पंचकल्याण भी होना है। उन्होंने कहा संकल्प में बहुत बडी शक्ति होती है। श्री महावीर जी जाने का पहला प्रयोजन है जहा हमारी मुनि दीक्षा आचार्य धर्मसाग़र महाराज द्वारा हुई थी दूसरा प्रयोजन मस्ताभिषेक का है उन्होंने कहा की
भवानीमंडी केंद्र बना है स्वागत किया है भक्ति पेश की है। उन्होंने कहा सन्तो के साथ विहार कर धर्म की प्रभावना कर आत्मा की साधना श्रावक का कर्तव्य है। सेवा करना कर्तव्य है। उन्होंने हम तो केवल पग बिहारी है। आपको जगह चलने के लिए पेट्रोल पंप की जरुरत होती है। ठीक उसी तरह पद विहारी सन्त को भक्ति समर्पण की आवश्यकता होती है।

उन्होंने गजू भया की जमकर तारीफ करते हुए कहा उन्हें 24 वर्ष हो गए घर छोड़े संघ की सेवा को नही छोड़ा। साथ ही परमित भया व तारा देवी सेठी की भी सराहना की वही बिस्तुनिया समाज के लिए उन्होंने कहा यह अपने आप मे कीर्तिमान है। और अपने आप मे एक मिसाल है। उन्होंने आदर्श स्थापित किया है।उन्होनें त्याग किया है। और वहा के सरपंच ने यहाँ तक कहा की शराब की दुकान तक नही खुलने दूँगा मिसाल और आदर्श स्थापित करदियाग्राम की महिलाओं ने कहा कि शराब और मांसाहार त्याग और जैन साधु की समाधि होने से यह ग्राम तीर्थ बन गया है आपने तो तीर्थ बना दिया वहाँ की भूमि समाधि स्थल तक देना साथ ही उसे बनाने का संकल्प लिया। अद्भुत है।
कार्यक्रम का संचालन राकेश सेठी कोलकत्ता ने किया
कार्यक्रम पश्चात आचार्य श्री संघ की आहार चर्या हुई शाम को 5 km का विहार हुआ

अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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