मित्र वही जो मुसीबत में काम आए आर्यिका विज्ञाश्री माताजी
बूंदी
प. पू. भारत गौरव विज्ञाश्री माताजी ससंघ बूंदी शहर में ग्रीष्म कालीन वाचना में धर्म की भव्य प्रभावना बढा रही है जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज विज्ञाआर्यिका श्री ने अपने मंगलमय प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को कहा कि – आज के युग में हर मनुष्य स्वार्थी हो गया है सभी अपने – अपने बारे में ही सोचते हैं जिसके लिए वे अपनों व परायों को भी हानि पहुंचाने में हिचकते नहीं है, एक कहानी के माध्यम से उन्होने बताया विजय और राजू दोस्त थे एक छुट्टी पर वे प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेते हुए एक जंगल में चले गए अचानक उन्होंने देखा कि एक भालू उनके पास आ रहा है वे भयभीत हो गए राजू, जो पेड़ों पर चढ़ने के बारे में सब जानता था, एक पेड़ पर चढ़ गया और तेज़ी से ऊपर चढ़ गया उसने विजय के बारे में नहीं सोचा विजय को पता नहीं था कि पेड़ पर कैसे चढ़ना है विजय ने एक पल के लिए सोचा उसने सुना है कि जानवर शवों को पसंद नहीं करते हैं, इसलिए वह जमीन पर गिर गया और उसने दम तोड़ दिया। भालू ने उसे सूँघ लिया और सोचा कि वह मर गया है तो वह अपने रास्ते पर चला गया। राजू ने विजय से पूछा “भालू ने आपके कानों में क्या कहा?” विजय ने जवाब दिया, “भालू ने मुझे तुम जैसे दोस्तों से दूर रहने के लिए कहा …” और अपने रास्ते पर चला गया। मित्र वही जो मुसीबत में काम आये। इसलिए आप भी अपने जीवन में एक गुरु या मित्र ऐसा बनाये जो हर मुसीबत में आपका साथ दें। पूज्य माताजी का बूंदी से अलोद के लिए आज भव्य मंगल विहार हुआ। कल की आहारचर्या अलोद में होगी ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
