पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव में तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का मनाया जन्म कल्याण महोत्सव
पिड़ावा:
सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में चल रहे, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महा यज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को भगवान आदिनाथ का जन्मोत्सव मनाया गया।

समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि मुख्य पांड़ाल मल्हार बाग में सुबह के वक्त भगवान का अभिषेक, शांतिधारा का सोभाग्य राजकुमार जैन बैक पाटन वालो को मिला। उसके बाद नित्य नियम की पूजन की गई।इसी अभूतपूर्व बेला में प्रातः 7:00 बजे बालक आदि कुमार के जन्म की घोषणा हुई। तभी पण्डाल भगवान आदिनाथ के जयकारों से गूंज उठा। औऱ कई तरह के वाद्य यंत्रों को बजा कर भगवान के जन्मो उत्सव की खुशियां मनाई गई।महोत्सव की आभा यह रही सारे पांडाल में श्रावक श्राविका झूम झूम के भक्ति करते रहे।

जैसे-जैसे पंच कल्याण महोत्सव आगे बढ़ रहा था, वैसे वैसे ही महोत्सव की आभा भी बढ़ती जा रही थी। जन्मकल्याण महोत्सव के तह पूरे शहर नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया,और बैंड बाजे मुंबई के ढोल पर श्रावक श्राविका भक्ति करते हुए,साथ ही महिला मंडल के कई समूह भक्ति करते हुए चल रहे थे जिनमें सिद्वा ग्रुप,खण्डुपुरा,जिनवाणी ग्रुप, ब्रम्ह्मनन्द सागर ग्रुप आदि समूह के1 युवा वर्ग भी भक्ति करते हुए चल रहे थे।पूरे देश के भक्तो का हजूम रहा

जन्म कल्याण महोत्सव में व पंचकल्याण महोत्सव में शामिल होने के लिए पूरे देश के भक्तो का हजूम उमड़ पड़ा।लोकसभा अध्यक्ष ने शुभकामना सन्देश भेजावही इस महामहोत्सव हेतु, भारत देश के लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने भी कोटा से बधाई संदेश भेजा। इसमें कई शहरों के कई गांव के श्रावक,श्राविकाओ ने सम्मिलित होकर भगवान के जन्म उत्सव पर पिड़ावा नगर में चार चांद लगा दिए इसमें कोटा ,झालावाड, पाटन ,खानपुर ,बारा, रटलाई ,भवानीमण्डी सुनेल, चेचट, कड़ोदिया डोला ,कर्नाटक हारुगेरी से, इंदौर, उज्जैन, ताकला सुसनेर नलखेड़ा सोयत मोड़ी, रामगंजमंडी,आदि स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

इनका मिला पुनीत सानिध्यउत्सव के इन पलो को परम पूज्य भूतबली सागर महाराज का पुनीत सानिध्य व,प्रतिष्ठाचार्य प्रवर राजेश राज भोपाल, मंजुला दीदी के कुशल निर्देशन प्राप्त हो रहा है।
भगवान के जन्म से मानवता को आत्म कल्याण का मार्ग मिला है भूतबली सागर महाराजइस अवसर पर पूज्य मुनि श्री भूतबली साग़र महाराज ने प्रवचन में कहा की भगवान के जन्म से मानवता को आत्म कल्याण का मार्ग मिला है। यह क्षण अत्यंत प्रसन्ता का है। वही उत्सव इन पलो में भगवान का अभिषेक करने में भक्तों की लंबी कतारे देखी गई।
उत्सव के अभूतपूर्व क्षण और बढ़ गए तब महाराज नाभिराय का दरबार सजाया गया,व सोधर्म इन्द्र अपनी शची रानी के साथ नाभिराय के दरबार में पहुंचे। और भगवान के जन्म उत्सव की बधाई दी शचि रानी माता मरु देवी के प्रसूति गृह में पहुंचकर,तीर्थकर बालक को लेकर आती है। और सोधर्म इन्द्र एक हजार नेत्र बनाकर भगवान के दर्शन करते हैं। खुशी से नृत्य करते हैं। व कुबेर भी खुशी से नाचते हुए पूरे पंडाल में अपना खजाना लुटाते हैं। जब2 कुबेर ने रत्न बरसाये तब पांडाल में यह रत्न पाने के लोग लोग झपट पड़े।ऐसा माना जाता है कि भगवान के जन्मोत्सव पर कुबेर द्वारा लुटाये रत्न को तिजोरी में रखने से धन की कमी नहीं होती है। सोधर्म इन्द्र और शची रानी ऐरावत हाथी पर बालक तीर्थंकर को बैठाकर विशाल जुलूस के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
जो मल्हार बाग नयापुरा होते हुए, खण्डुपुरा शेर मोहल्ला होते हुए, पिपली चौक, 56 दरवाजा, सेंट्रल पब्लिक स्कूल ,आजाद चौक तलाई होते हुए मल्हार बाग नयापुरा पहुँची।
इस शोभायात्रा में श्रावक श्राविका युवक युवतियां पूरी शोभायात्रा में भक्ति करते हुए नाचते गाते इन्द्र , इंद्राणी हाथी व बगियो में बैठकर चल रहे थे ।शोभा यात्रा सुमेरू पर्वत स्थित पांडुक शिला मल्हार बाग पर पहुंची जहां बालक तीर्थंकर का 1008 कलशो से अभिषेक किया गया। भगवान का अभिषेक करने सभी स्थानों के भक्तो ने किये। वही सुसनेर निवासी परम मुनि भक्त मुकेश सांवला,अशोक मामा,त्रिलोक जैन,पं.मुकेश जैन आदि भक्तों ने पूण्यार्जन किया ।
यह रहे पुण्यार्जक भगवान के जन्मोत्सव के अवसर पर पंच कल्याण समिति के अध्यक्ष पूर्व चैयरमैन राजेन्द्र जैन परिवार वाले वात्सल्य भोज के पुण्यार्जक रहे।बुधवार को यह रहेंगे आयोजन
बुधवार की मांगलिक बेला में जाप्यअनुष्ठान ,अभिषेक, शांतिधारा ,नित्य नियम पूजन ,जन्म कल्याण की पूजन ,मंगल प्रवचन महाराज श्री के व नाभिराय का दरबार लगेगा। व शतकर्म उपदेश, षड्दर्शन, असी, मसि , कृषि, विद्या ,वाणिज्य, शिल्पकला, 32 मुकुट बद राजाओ द्वारा भेट, नीलांजना नृत्य वैराग्य का अद्भुत दृश्य ,अंक न्यास, दीक्षा विधि की क्रिया होगी। मंगल आरती व खुशबू जैन ग्रुप मुंबई द्वारा दिव्य भजनों की आकर्षक प्रस्तुति होगी।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
