भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री विज्ञा श्री माताजी स संघ के पावन सानिध्य में बूंदी शहर में जिनसहस्रनाम विधान की हुई भव्यता के साथ महा अर्चना
बूंदी



परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में धर्म नगरी बूंदी में वह सर्व कष्ट निवारक मनोवांछित फल प्रदायक श्री जिनसहस्त्रनाम महार्चना केकी भव्यता के साथ पूजा हुई जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि इस दौरान विश्व शांति माहयज्ञ के साथ विश्व शांति की भावना भाई गई इसके साथ ही पूज्य गुरुदेव गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज का 60वां अवतरण दिवस मनाया गया जिसमें लगभग 300 श्रावकों श्राविकाओं के साथ नृत्य करते हुए साज बाज के द्वारा पूजा अर्चना की गई कार्यक्रम में गुरु मां ने अपने मंगलमय प्रवचन में श्रावकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री जिन जिनसहस्रनाम में महार्चना की अचिंत्य महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्री आदिनाथ भगवान की यह भक्ति सुमेरू पर्वत पर सौधर्म इन्द्र और वृहस्पति के द्वारा 1008 नामों का गुणगान की हुई महार्चना हैं | इस पंचम काल में भी चतुर्थ काल सम भक्ति करने का अवसर गुरु मां ने सभी भक्तों को देख कर उनके ऊपर उपकार किया है आर्यिका श्री ने कहा है कि किसी व्यापार बंद हो गया हो या घन अटक गया हो या कोई विपत्ति हो या कष्ट हो बीमारी हो तो उसके लिए यह बत्ती दवाई का काम करेगी| इस विधान के सौधर्म इन्द्र राजकुमार जी यज्ञनायक कैलाश जी पाटनी कुबेर इन्द्र कैलाश जी शाह, ईशान इन्द्र ओम जी बाक लीवाल , महेंद्र इंद्र नरेश जी को बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ | पूज्य गुरुदेव विराग सागर जी के जन्म उत्सव पर गुरु मां ने कोटिस नमोस्तु करते हुए कहा कि भारत की चैतन्य , धरोहर जिन मुद्रा थारी, महावीर की महा विरासत, जग से न्यारी| जिनशासन जयवंत रहेगा , चारित्र लाख तेरा, तेरा पद चिन्हों पर गुरुवार , रहेगा गमन मेरा ||
3 मई को पूजा गुरु मां का 11 वा गणिनी पदारोहण दिवस हर्षोल्लास से मनाया जायेगा | एवं दान पर्व अक्षय तृतीया मुनि राज का विशेष पड़गाहन अतः आज के दिन मिली थी |
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
