अक्षय तृतीया यानी आहार दान दिवस को प्रत्येक जैन को मनाना चाहीये- सर्वान्गभूषण आचार्य चैत्यसागर जी महाराज

JAIN SANT NEWS कोसमा

अक्षय तृतीया यानी आहार दान दिवस को प्रत्येक जैन को मनाना चाहीये- सर्वान्गभूषण आचार्य चैत्यसागर जी महाराज

कोसमा, वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमलसागर जी की जन्म भूमि पर विराजित सर्वान्गभूषण आचार्य चैत्यसागर महाराज व उनके संघ ने बताया कि आगामी 3 मई को पडने वाले अक्षय तृतीया का पर्व आहार दान पर्व के रूप मे प्रत्येक जैन को मनाना चाहीये!

उन्होने कहा कि अक्षय तर्तीया एक जैन पर्व है, प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव जब मुनी रूप मे एक वर्ष की कठिन तपस्या के बाद आहार के लीये उठे तो किसी को मुनिराज को आहारदान की नवधा भक्ती विधी का ज्ञान ही नहीं था, रोज वह आहार के लीये उठते लेकिन पडगाहन विधी के न जानने के अभाव में, वे वसितिका मे निराहार वापस आजाते! यह क्रम 400 दिन चला, फिर हस्तिनापुर के राजा श्रेर्यांस को पूर्व भव का स्मरण आने पर बैसाख शुक्ला तीज के दिन उन्होने और उनके भाई राजा सोम ने मुनि ऋषभदेव का इक्च्छुरस से पारणा कराते हुये प्रथम आहार दान देने का सौभाग्य प्राप्त कीया! तभी से यह तिथी अक्षय बनी और अक्षय तृतीय कहलाने लगी!

*उन्होंने कहा कि इस महान मंगलकारी दिन सबको प्रयास करना चाहीये कि जहां भी दिगम्बर मुनिराज हों वहां जाकर आहार दान अवश्य कर पुण्य कमायें! संघस्त बडी माता जी शास्वतश्री माताजी ने आव्हान कीया कि अगर आस पास मुनिराज न भी हों तो प्रत्येक घर मे इस दिवस शुद्ध रसोई ( चौका) बनाकर मुनी बेला पर मुख्य द्रार पर जाकर नवधा भक्ती पूर्वक मुनिराज का आव्हान करें और फिर आकर सब परिवार मिल भोजन करें , भावना भाने से भी खूब पुन्य मिलता है!*

विगत वर्षों मे भी आचार्य संघ के आव्हान पर घर घर लोगो ने चौके लगाये थे व तमाम सोशल मीडिया पर अपलोड कर धर्म की प्रभावना की थी! यहां तक कि अमेरिका और विदेशो मे भी लोगो ने चौका लगा कर पारणा दिवस मनाया था! उम्मीद है इस बार पूरे विश्व के श्रावक इस दिवस को आहार दान दिवस के रूप मे और भी भक्ती से मनाएंगे!

*मनोज कुमार जैन बाकलीवाल, आगरा*

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