कैथूली क्षेत्र पर अभिषेक पूजन के शुभारंभ से किया पाक्षिक ने धार्मिक क्षेत्र में प्रवेश
रामगंजमंडी जैन समाज के अंकुश जैन के पुत्र पाक्षिक जैन(वीर) ने जैन शास्त्रों में वर्णित विधि अनुसार इस 8 वर्ष की आयु में प्रवेश करने पर प्रातः कालीन बेला में अपने जीवन के इस अनमोल क्षण पर जब जैनशास्त्रानुसार बालक को जिनेन्द्र भगवान के अभिषेक पूजन के योग्य माना जाता है उस अवस्था में प्रवेश करते ही पाक्षिक ने हथकरघा के अहिंसक धवल वस्त्र धारण करके रामगंजमंडी के पास स्थित चिंतामणि पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र कैथूली में पार्श्वनाथ भगवान का अभिषेक पूजन किया और समाज के सामने आदर्श उपस्थित किया कि बालक का जीवन इन्हीं क्रियाओं से सार्थक है अन्य प्रपंचों से नहीं।

पाक्षिक ने आज जैन शास्त्र विधि को आत्मसात करते हुए यह सातिशय पुण्यवर्धक कार्य किया है और भावना भायी है कि प्रभु की सेवा में मेरा यह जीवन लगा रहें और जब तक घट में प्राण हो तब तक मुख पर प्रभु नाम हो। धन्य है ऐसे अभिवावक जो प्रेरणास्प्रद है। गौरतलब है की इस बालक का जन्म “महावीर जयंती” के दिन ही हुआ था,
इसलिए परिवारजन प्यार से इसे “वीर” बुलाते हैं । हो न हो एकदीन यह बालक इसी नाम को सार्थक करेगा ।
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
