- )विशुद्ध देशना(-
गुरु के नाम पर जीने वाले शिष्य गुरु के जाने के बाद क्या करोगे इसलिए स्वयं पुरुषार्थ करो ऐसा क्यों कहा आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज ने जानने के लिए वीडियो को सुनें शेयर करें जैन धर्म की प्रभावना के लिए जैन संतों के मंगल प्रवचन आदि सुनने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें वीडियो को लाइक करें
गुरुभक्त:- नमन जैन “विनिश्चयांश” सरूरपुर कलां (बागपत) उ०प्र०
