*एक अपील*

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हाल ही गंज बासौदा जिला विदिशा मध्यप्रदेश के श्री अनिल जैन दिवाकीर्ति जिनका श्री सम्मेद शिखर जी में वंदना करते समय 30 सितंबर 2019 को चंद्रप्रभ टोंक के बाद आदिनाथ टोंक के पास अंतिम समय आया और मरण को प्राप्त हो गये। इसके उपरांत उनके परिजनों को अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके साथ कुछ मित्र थे और जिनसे मृत देह को नीचे लाने के लिये डोली वालों द्वारा अनाप शनाप राशि की मांग की गयी उनके मित्रों को श्री अनिल जी की मृत देह को नीचे लाने में लगभग ₹ 12000-13000 की राशि व्यय करना पड़ी। नीचे आने पर धर्मशाला में उनकी मृत देह को धर्मशाला में रखे जाने पर आपत्ति की गयी तब गुणायतन ट्रस्ट में किसी सिफारिश के आधार पर एक दिन रखा गया। परिजनों को दाह संस्कार तक आदि अनेक मुसीबतों से दो चार होना पड़ा। इन सब मुसीबतों को कम करने के लिये परिजनों को सिफारिश का उपयोग करना पड़ा।
उक्त संबंध में मेरी समाज जनों, समाज की विभिन्न समितियों में पदस्थ पदाधिकारियों से निवेदन और सुझाव है —

(1) प्रतिवर्ष शाश्वत तीर्थ क्षेत्र श्री सम्मेदशिखर जी की वंदना करते समय कुछ यात्री निश्चित रूप से मरण को प्राप्त होते हैं। प्रायः यात्री के साथी आगे पीछे हो जाते हैं, अनेक बार तो पति पत्नी ही यात्रा को जाते हैं और उनमें से एक चला जाता है तो दूसरा गम्भीर समस्या से घिर जाता है, उसे आये हुए दुःख के अतिरिक्त अनेक परेशानियों से दो चार होना पड़ता है, आर्थिक समस्या भी सम्भावित रहती है। यात्रियों की इस परेशानी को दूर करनहेतु क्षेत्र पर स्थायी व्यवस्था होना आवश्यक है।
(2) श्री सम्मेद शिखरजी क्षेत्र पर एक इस तरह का केन्द्र बनाया जाये जहां पर इसतरह की घटना होने पर मदद प्राप्त हो सके।
(3) पर्वत के ऊपर बीच बीच में सूचना केंद्र हों जहाँ से यात्री मदद ले सके।
(4) मृत देह को नीचे लाने की व्यवस्था समिति करावे।
(5) धर्मशाला में मृत देह को कुछ समय सुरक्षित रखने की आधुनिक अर्थात फ्रीज़र आदि की व्यवस्था हो।
(6) संबंधी यदि दाह संस्कार क्षेत्र पर ही करते हैं तो उन्हें आवश्यक सहयोग प्राप्त हो।
*शीघ्रता से पहल की जाने की आवश्यकता है।*
निवेदक —
इंजी महेन्द्र कुमार जैन भोपाल।
03 नवंबर 2019

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