🕉▬▬▬ஜ अजित वाणी ஜ▬▬▬卐
🕉▬▬▬ஜ अजित वाणी ஜ▬▬▬卐 3️⃣0️⃣ जुलाई 2020 रीतेश मिडला ®Ⓜ 卐 ▬▬▬▬▬ஜ卐ஜ ▬▬▬▬▬ 🕉 जिस तरह से लापरवाह रहने पर, घास जैसी नरम चीज की धार भी हाथ को घायल कर सकती है, उसी , तरह से धर्म के असली स्वरूप को, पहचानने में हुई गलती आपको नरक के दरवाजे पर पहुंचा सकती है। ✍प्रवचनांश(मुनिश्री […]
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