हिंसात्मक शब्द बोलना ही अधर्म है सुप्रभसाग़र जी
हिंसात्मक शब्द बोलना ही अधर्म है सुप्रभसाग़र जी विदिशा पूज्य मुनि श्री सुप्रभसाग़र जी महाराज ने अपने उदबोधन में कहा * ”हिंसात्मक शव्द बोलना ही अधर्म है,तो सीधे सीधे हिंसा को धर्म मानना कंहा तक उचित है? जंहा पर राग है द्वेष है, क्या दूसरों को दुःख दैने से आपको सुख मिल सकता है?”उपरोक्त उदगार […]
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