स्वयं में रमना, स्वयं में उतरना, स्वयं में खो जाना ही ब्रह्मचर्य धर्म है। प्रसन्न सागर महाराज
स्वयं में रमना, स्वयं में उतरना, स्वयं में खो जाना ही ब्रह्मचर्य धर्म है। प्रसन्न सागर महाराज पारसनाथ शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर तीर्थ की पावन धरा पर पर्युषण पर्व के अंतिम दिवस उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर आचार्य 108 प्रसन्न सागर जी महाराज जो लंबे समय से पारसनाथ पर्वत स्थित स्वर्ण भद्र टोंक की गुफा में […]
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