साधु जीवन मे उत्कृष्ट सल्लेखना संयम का सर्वोच्च शिखर कलश है समता पूर्वक मरण सल्लेखना समाधि मरण है
साधु जीवन मे उत्कृष्ट सल्लेखना संयम का सर्वोच्च शिखर कलश है समता पूर्वक मरण सल्लेखना समाधि मरण है कागदीपुरा तेरी छत्र छाया भगवन मेरे सिर पर हो मेरा अंतिम मरण समाधि तेरे दर पर होजीवन है पानी की बूंद कब मिट जावे रेदिन रात मेरे स्वामी यह भावना में भाऊ देहांत के समय तुमको न […]
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