साधु गंदे आदमी के विचारों में से अच्छाई निकाल लेता है

साधु गंदे आदमी के विचारों में से अच्छाई निकाल लेता है-सुधासागरजी महाराज ललितपुर ये शरीर स्वभाव से अशुचि है। इस अशुचि पैरों को भी रत्नत्रय ने पावन बना दिया।रत्नत्रय ने इस‌ अशुभ शरीर को भी पवित्र बना दिया। इसी प्रकार जो शुचिता प्रकट हुई है वह शौचधर्म के बाद‌ शुचिता को प्राप्त हो जाती है।जिस […]

Continue Reading