समस्त परिग्रहों का त्याग करना ही अकिंचन्य धर्म है:- एलक श्री गम्भीर सागर महाराज

ललितपुर। श्री अभिनन्दनोय तीर्थ प्रांगण में एलक श्री गम्भीर सागर जी महाराज ने सांयकालीन धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तम आकिंचन्य का अर्थ है कि किंचित मात्र भी हमारा कुछ नहीं है क्योंकि कल हमने त्याग किया था और त्याग करने के बाद कुछ नहीं बचता। आज का दिन कहता है कि अंदर […]

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