सभी पापों का जनक लोभ है – आदित्य सागर जी
इंदौर। कषाय की चार संतान हैं- क्रोध, मान, माया और लोभ। इन चारों संतानों में लोभ (कषाय) नाम की संतान सभी पापों, दुखों की जनक है। इसलिए लोभ को पाप का बाप कहा गया है। लोभी व्यक्ति आवश्यकता से अधिक धन एवं अन्य चल- अचल संपत्ति के संग्रह की इच्छा पूर्ति के लिए येन केन प्रकारेण […]
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