-: संतों के उद्गार :-
-: संतों के उद्गार :- आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज (छाणी) एक प्रभावक साधु थे| वह अध्यात्म प्रिय एवं आत्म हितैषी थे, अतः उनका अधिक प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया| इन्होंने अपने जीवन में आत्महित को प्रधानता दी तथा बाह्य क्रियाकांडों से दूर रहकर आचार्य श्री कुन्दकुन्द की आम्नाय का संरक्षण व परिवर्धन किया| इनके उपदेशों […]
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