श्रावक और श्रमण दोनों अपना कर्तव्य निभाएंः मुनिश्री आदित्यसागर जी
तीन दिवसीय श्रावकाचार श्रमणाचार संगोष्ठी प्रारंभ संगोष्ठी में शोधपूर्ण आलेख प्रस्तुत इंदौर। समवशरण मंदिर, कंचन बाग में मुनिश्री आदित्यसागर जी, मुनिश्री अप्रमित सागर जी एवं मुनिश्री सहजसागर जी के सान्निध्य में श्रावकाचार श्रमणाचार अनुशीलन विषय पर तीन दिवसीय जैन विद्वत संगोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों एवं विद्वानों द्वारा आचार्य द्वय श्री विद्या-विशुद्ध सागर जी महाराज के चित्र […]
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