मंदिरों में दान ही धर्म नहीं, बीमारों, गरीबों की मदद भी धर्मः श्रुत संवेगी श्रमण मुनि श्री आदित्य सागर जी
मंदिरों में दान ही धर्म नहीं, बीमारों, गरीबों की मदद भी धर्मः श्रुत संवेगी श्रमण मुनि श्री आदित्य सागर जी जिन देशना को स्वीकार करना अज्ञानी के वश की बात नहींः मुनि श्री अप्रमित सागर जी इंदौर। श्रुत संवेगी श्रमण मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने कहा है कि जितनी चादर हो, उतना ही पैर […]
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