शरीर को आत्मा से भिन्न समझने पर ही मोक्ष निर्माण प्राप्त होगा वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

शरीर को आत्मा से भिन्न समझने पर ही मोक्ष निर्माण प्राप्त होगा वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जीश्री महावीर जीश्री महावीर जी अतिशय क्षेत्र पर वात्सल्य वारीधी आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी का 53 वा वर्षायोग सम्पन्न होकर आचार्य श्री संघ सहित विराजित हैं। आचार्य श्री ने प्रवचन में बतायाजो श्रावक ,प्राणी शरीर से […]

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