शरद पूर्णिमा की चांदनी समान आलौकिक हैं ज्ञानमती माताजी
जैनसमाज की सर्वोच्च साध्वी के रूप में पूज्य हैं ज्ञानमती माताजी। आपका जन्म 22 अक्टूबर सन् 1934, शरद पूर्णिमा के दिन टिकैत नगर ग्राम (जि. बाराबंकी, उ.प्र.) के छोटेलाल जैन की धर्मपत्नी श्रीमती मोहिनी देवी के दांपत्य जीवन की प्रथम संतान के रूप में हुआ था। आपका बाल्यकाल में नाम मैना था। छोटी उम्र में […]
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