बुद्धि से अधिक जहां भावनात्मक योग्यता होती है, वही सफलता मिलती है।, सुविज्ञ साग़र जी
बुद्धि से अधिक जहां भावनात्मक योग्यता होती हैै वही सफलता मिलती है। सुविज्ञ साग़र जी भीलूड़ा शांतिनाथ मंदिर में विराजित ज्ञान विज्ञान दिवाकर आचार्य कनकनंदी गुरुदेव के अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का शुभारंभ सुवत्सलमती माताजी के मंगलाचरण से हुआ। आचार्य श्री द्वारा रचित कविता “बुद्धि से अधिक भावात्मक योग्यता से मिलती है सफलता” इसको सुविज्ञ सागर जी ने […]
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