वक्त
वक्त क्षणभंगुर सा होता है घड़ी से गुज़रता हुआ हर एक लम्हा, कितनी हसरतें चाहतें पालते हैं हम इन आँखों में, कहाँ ठहरते हैं पलछिन भागते हैं बेमुरव्वत हरदिन, ख्वाहिशें दबी-दबी सी रहतीहै दिल के किसी अंधेरे में, रोशनी की राह तकती हैं वक्त की फिसलती सहमतीकिरणें, एक अस्तित्व एक जान हज़ार ख्वाब सहेजे रहतीहै […]
Continue Reading