रत्नत्रय रूपी संयम से हम वास्तविक घर सिद्धालय को प्राप्त कर सकते हैं । संयम के पालन से जीवन मंगलमय होगा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
रत्नत्रय रूपी संयम से हम वास्तविक घर सिद्धालय को प्राप्त कर सकते हैं ।संयम के पालन से जीवन मंगलमय होगा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी श्री महावीर जी पंचेन्द्रिय के विषय , सार रहित है ,भय उत्पन्न करने वाले हैं ,संसार भ्रमण में दुख देने वाले हैं ,संसार में सुख नहीं मिलता ,इंद्रिय नाशवान है […]
Continue Reading