महामहोत्सव : 1008 श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्चाणक महा महोत्सव 17 फरवरी से 23 फरवरी तक

मुनि श्री ने अपने मांगलिक प्रवचनों में कहा कि मुनिराज सूर्य की भांति होते हैं। सूर्य यह नहीं देखता की कोई उनके निकट संबंधी है, प्रशंसक है या हमारी निंदा करने वाला है। सूर्य सभी को समान रूप से अपना प्रकाश फैलाता है। इसी तरह मुनि श्री की ओर से खुले मंच उिया गया मंत्र […]

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