महानता के शिखर : – आचार्य श्रीवर्धमानसागरजी महाराज
“महानता के शिखर : –आचार्य श्री वर्धमानसागरजी महाराज ” डॉ.निर्मल शास्त्री धर्म व्यक्ति को उन्नत करता है | उन्नत व्यक्ति की विचारधारा सेवा, त्याग और सम्यक् की त्रिवेणी में प्रवाहित रहती है | वे अपने स्वभाव, व्यवहार व आचरण से समाज में समन्वय का संदेश देते है, उनकी प्रत्येक क्रिया विधि जीव दया, मानव धर्म […]
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