मनुष्य पर्याय जन्म-जन्म के पुण्य से प्राप्त होती है। निष्कंप सागर महाराज
मनुष्य पर्याय जन्म-जन्म के पुण्य से प्राप्त होती है। निष्कंप सागर महाराज देवरीकला देवरीकला मे ञान विद्या शिक्षण शिविर का आयोजन हो रहा है इस बेला पूज्य मुनिश्री निष्कंप सागर महाराज ने चारो गतियो के विषय मे प्रकाश डाला उन्होने कहा कि यदि चारों गतियों का आंकलन करे तो नरक गति, देव गति, त्रस गति […]
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