भाषा को संस्कार की जननी कहा गया है आदर्शमति माताजी
भाषा को संस्कार की जननी कहा गया है आदर्शमति माताजी अशोकनगर भाषा को संस्कारों की जननी कहा गया है, भाषा सिर्फ भाषा नहीं है, भाषा संस्कारित शिक्षा का आधार है। भाषा अपने पीछे पीछे संस्कृति को साथ लातीं है। ख़ान, पान,रहन, सहनबोलचाल, आचार, विचार उसी संस्कृति के अनुसार बनते चलें जातें हैं जिस भाषा में […]
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