भाव बचाने के हो और हिंसा हो जाए तो वह पाप का दोष नहीं‎ लगता। यह जैन धर्म की महानता‎ है दुर्लभ सागर महाराज

भाव बचाने के हो और हिंसा हो ‎ ‎ जाए तो वह पाप का दोष नहीं‎ लगता। यह जैन धर्म की महानता‎ है दुर्लभ सागर महाराज आष्टा पूज्य मुनि श्री दुर्लभसागर महाराज मुनि‎ ‎संघ का आष्टा नगर में सोमवार की‎ प्रातः मंगल बेला मे भोपाल नाका से नगर‎ आगमन हुआ। मुनिश्री ससंघ ने सांईं कॉलोनी […]

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