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पुरुषार्थ नहीं किया तो जीवन पर्याय व्यर्थ चला जाएगाः आचार्य सुन्दर सागर जी महाराज

जैसे ही आत्मा निकली, शरीर में अनन्त जीव पैदा हो जाते हैं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं को आचार्य श्री सम्बोधन प्रतापगढ़। आचार्य श्री सुन्दर सागर जी महाराज ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा है कि वीतराग मुद्रा धारण करने के बाद ही वीतराग वाणी बहती है। भगावन महावीर वीतराग मुद्रा धारण कर आत्मा में रहे, भगवन्ता […]

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