पाँच चीजे इंसान की अपनी खुद की होती है स्वभाव, भाग्य,चारित्र ,रूपओर अच्छी बुरी सोच..अन्तर्मना
पाँच चीजे इंसान की अपनी खुद की होती है स्वभाव, भाग्य,चारित्र ,रूपओर अच्छी बुरी सोच..अन्तर्मना सम्मेद शिखर जी परमपूज्य परम तपस्वी अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज सम्मेदशिखर जी के स्वर्णभद्र कूट में विराजमान अपनी मौन साधना में रत होकर अपनी मौन वाणी से सभी भक्तों को प्रतिदिन एक संदेश में बताया कि […]
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