उत्तम सत्य आत्मा का एक गुण है। जैसे किसी पर बनावटी आवरण पड़ा हो और वह हट जाए तो वास्तविक तस्वीर निकल आती है, वही सत्य है। जिसमें कोई मिलावटी न हो, बनावटीपन न हो, कोई लाग-लपेट न हो वह सत्य है। ऋषि- मुनियों ने कहा है- ‘सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात्, न ब्रूयात् सत्यमप्रियम्।’ सत्य […]

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