न गुरु के मन से हम दूर होते हैं और न ही हम गुरु से दूर होते हैं द्रढ़मति माताजी

न गुरु के मन से हम दूर होते हैं और न ही हम गुरु से दूर होते हैं द्रढ़मति माताजी आर्यिका 105 द्रढ़मति माताजी ने उदासीन आश्रम मे चातुर्मास कलश स्थपना समारोह मे बोलते हुए कहा की कई शहरों,व गांव, तीर्थक्षेत्रों आदि में मुनि महाराज आर्यिका संघों के चातुर्मास हो रहे हैं। उन्होंने कहा सभी […]

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