नैतिकता के साथ जीवन यापन करना सद ग्रहस्थ की पहचान आचार्य विनीत सागर

नैतिकता के साथ जीवन यापन करना सद ग्रहस्थ की पहचान आचार्य विनीत सागर कामा भाद्र माह संयम साधना के साथ साथ व्रत उपवास आदि धारण कर आत्म विशुद्धि का पवित्र माह है। प्रथम दिवस से ही सोलहकारण भावनाओं का पालन प्रारम्भ हो जाता है । तीर्थंकरत्व की कारणभूत सोलह भावनाओं में सर्व प्रथम व सर्व […]

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