ध्यान करो, ध्यान से चिंतामणि रत्न की प्राप्ति होगी- आदित्य सागर जी
इंदौर। शरीर माध्यम खलु साधनम अर्थात बहिरंग रूप से शरीर धर्म साधना का सबसे उत्तम साधन है, साध्य नहीं। शरीर के द्वारा स्वात्मा का उपकार एवं ध्यान करो। ध्यान की शक्ति से मन ,वचन और काय के समस्त रोगों, विकल्पों एवं सभी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। ध्यान के द्वारा निर्वाण तत्व की उपलब्धि […]
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