धर्म प्रभावना : एकलव्य को इतिहास में गुरु द्रोणाचार्य ने ही किया अमर
सारांश मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज गुरु शिष्य परंपरा पर चर्चा करते हुए एकलव्य और द्रोणाचार्य ऐतिहासिक जोड़ी के माध्यम से समपर्ण पर प्रकाश डालते हुए मार्गदर्शन किया। कुंडलपुर। कुंडलपुर में विराजमान मुनि श्री निरंजनसागर जी महाराज ने बताया कि इतिहास को देखने पर कई बार हम इतिहास के सही पहलू की ओर दृष्टिपात […]
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