धर्म ज्ञान के बिना समस्त ज्ञान लौकिक है आचार्य कनकंदी धर्म ज्ञान के बिना समस्त ज्ञान लौकिक है आचार्य कनकंदी

धर्म ज्ञान के बिना समस्त ज्ञान लौकिक है आचार्य कनकंदी गलियाकोट कलिकाल समंत भद्र आचार्य कनक नंदी गुरुदेव की अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का मंगलाचरण उनके द्वारा रचित कविता “विद्या तेरी धारा अमृत झर झर बहती जाए” का मंगलाचरण सुविज्ञ सागर जी के मधुर कंठ से हुआ । कनक नंदी गुरुदेव ने अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में बताया कि […]

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