यह रक्षाबंधन का महापर्व धर्मात्माओं श्रमणों और धर्म के भक्तों के बीच में संबंध जोड़ने वाला है । यह महापर्व यह संदेश देता है कि हम धर्म और धर्म और धर्मात्माओं की रक्षा करने में सदा तत्पर रहेंगे। आत्मरक्षा करेंगे अपने स्वयं को पापों से बचाएंगे धर्म को स्वयं धारण करेंगे। आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी

यह रक्षाबंधन का महापर्व धर्मात्माओं श्रमणों और धर्म के भक्तों के बीच में संबंध जोड़ने वाला है । यह महापर्व यह संदेश देता है कि हम धर्म और धर्म और धर्मात्माओं की रक्षा करने में सदा तत्पर रहेंगे। आत्मरक्षा करेंगे अपने स्वयं को पापों से बचाएंगे धर्म को स्वयं धारण करेंगे। आचार्य श्री वर्द्धमान सागर […]

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