दीया और बाती
दीया और बाती दीप दान दो उनकोजिनको तम ने घेरा है।हाथ लगाओ उनकोजिनको आफत ने घेरा है ।। एक दीप उस चौखट पर भीजहाँ घना अंधेरा छाया है।जिसके पास नही है कोईवह भी नही पराया है।। दीपक कहता दीप बनो तुमरह अँधियारे में ज्योति बनो तुम।थाम सभी की बांहअखण्ड प्रकाश बनो तुम।। जल जाओ बाती […]
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