इतना संपन्न, समृद्ध, दया भावी, दानी जैन समाज आज दर-दर फिर रहा है अपने परिवार के सदस्यों के अस्पताल के लिए।
यह वास्तविकता है और कटु सत्य जिसे हम झुटला नहीं सकते सोचिए हमने, हॉस्पिटल के लिये, स्कूल के लिए, सामाजिक उत्थान के साधर्मिक भक्ति के लिए कब विचार किया?अभी तक तो जैन समाज मंदिर,तीर्थ, भवन, खर्चीले संघ, वरघोड़े वगैरह से बाहर ही नहीं निकला है धर्म अध्यात्म तो कही दिखता ही नहीं, दिखता है तो […]
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