जब मन आकर्षण की ओर जाता है, तभी लोभ जागता है-मुनि श्री विशल्य सागर

झुमरी तिलैया (कोडरमा)। जैन धर्म का सर्वोच्च पर्व दशलक्षण पर्युषण का चौथा दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया। झुमरी तिलैया में चातुर्मास कर रहे महासंत जैन मुनि श्री 108 विशल्य सागर गुरुदेव ने अपनी अमृत वाणी मे भक्तजनों को कहा कि सबसे बड़ी यदि कोई गंदगी है तो लोभ है, जो […]

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