ज्ञानी दूसरों की विपत्ति देखकर कर लेता है अपनी रक्षाः मुनि श्री आदित्य सागर जी
भोगों से उदासीनता पर मोक्ष का मार्ग प्रशस्तः मुनि श्री सहज सागर जी समोसरण मंदिर कंचन बाग में प्रवचन इंदौर। सत्य को जानकर भी जीव सत्य का पालन नहीं कर पा रहा है और सत्य से अनजान बना हुआ है। यह जानते हुए भी कि जैनधर्म में रात्रि भोजन करना मांस तुल्य और जल ग्रहण करना […]
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