जैसे मुनिराज का मन बहुत ही कोमल होता है उसी प्रकार यह पिच्छिका भी बहुत कोमल होती है। भूतबली सागर महाराज

जैसे मुनिराज का मन बहुत ही कोमल होता है उसी प्रकार यह पिच्छिका भी बहुत कोमल होती है। भूतबली सागर महाराज पिड़ावा:-सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वाधान में पिच्छिका परिवर्तन समारोह सम्पन्न हुआ जैन समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि परम पूज्य 108 श्री भूतबलि सागर महाराज ससंध का43वां चतुर्मास पिड़ावा में चल […]

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