जीवन में विकृति विकार दूर कर परमात्मा पद पाने का करें पुरुषार्थ
श्री महावीर जी। सारा संसार विषय और कषायों से भरा हुआ है, अनादि काल से आप कितने भवों में भ्रमण कर रहे हैं। विषय और कषाय हितकारी नहीं हैं, इसलिए आप दुखी हैं। यह मंगल देशना वात्सलय वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने पर्युषण पर्व पर साधना शिक्षण शिविर में प्रथम दिन उत्तम […]
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