जीवन में कुटिलता को छोड़कर सरलता को धारण करें – आचार्य वर्द्धमान सागर महाराज

महावीर जी। वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महावीर जी ने दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के बारे दिवस बताया कि क्रोध छोड़ने से क्षमा धर्म प्रकट होता है, मान छोड़ने से मार्दव धर्म प्रकट होता है, इसी प्रकार मायाचारी छोड़ने से आर्जव धर्म प्रकट होता है। आर्जव धर्म का सरल आशय […]

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