जिस नगर में 5 से अधिक जिनालय होते है वह नगर तीर्थ समान होता है पंडित श्री हँसमुख शास्त्री

जिस नगर में 5 से अधिक जिनालय होते है वह नगर तीर्थ समान होता है पंडित श्री हँसमुख शास्त्री सनावद श्री शान्तिवीरशिवधर्माजीत वर्द्धमान सुर्रिभ्यो नमः श्री यशवंत उदयमान नक्षत्र विश्व का सितारा होगा इसकी कल्पना किसी को नही थी। आज छोटे भूखंड पर प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज सहित सभी पूर्वाचार्यो को […]

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