जहां-जहां धर्म‎ होता है, वहां अहिंसा का पालन‎ होता है और जहां-जहां अधर्म‎ ‎होता है वहा हिंसा का पालन होता ‎है शुद्धसागर महाराज

जहां-जहां धर्म‎ होता है, वहां अहिंसा का पालन‎ होता है और जहां-जहां अधर्म‎ होता है वहा हिंसा का पालन होता‎ है। शुद्धसागर महाराज रावतभाटा नयाबाजार पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में वर्षायोग कर‎ रहे श्रमण मुनि श्री शुद्धसागर महाराज‎ ने कहा कि है जीव हमारी सोच, ‎विचार, मान्यता सभी समिचित हैं। जिसे हमने दूसरों से उधार लिया‎ […]

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